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मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास
अधिक उतà¥à¤¸à¥à¤• और समà¤à¤¦à¤¾à¤° होना- पांचवें महीने में बचà¥à¤šà¤¾ तेजी से चीजों को समà¤à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। वह किसी à¤à¥€ चीज या खिलौने के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपनी उतà¥à¤¸à¥à¤•ता को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करता है। इसके अलावा, वह यह समà¤à¤¨à¥‡ लगता है कि आप ही वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हैं, जो बार-बार उसके पास आते हैं (2)।
विचलित होना – पांचवें महीने में बचà¥à¤šà¥‡ अचानक से आई तेज आवाज या फिर किसी चीज के हलचल से विचलित या फिर सचेत हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में या तो वो डरकर रोने लगते हैं या फिर खà¥à¤¶ हो सकते हैं।
रंगों में अंतर करना – इतने माह के शिशॠरंगों में अंतर करना या अपने पसंद के रंगों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ होना सीखने लगते हैं, लेकिन पूरी तरह से सकà¥à¤·à¤® नहीं होते हैं (3)।
à¤à¤¾à¤·à¤¾ में विकास होना – इस उमà¥à¤° के शिशॠमें à¤à¤¾à¤·à¤¾ का विकास नजर आने लगता है। वो खिलौने आदि से | प | और | ड | जैसे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के जरिठबात करने की कोशिश करते हैं (2)।
शारीरिक विकास
हाथों में नियंतà¥à¤°à¤£ – 5 माह के शिशॠअपने हाथों से पैर की उंगलियों को पकड़ने की कोशिश करते हैं। साथ ही खिलौनों को à¤à¥€ पकड़ने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं (2)।
टमी टाइम – इस माह में शिशॠहाथों पर अपने वजन को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ सीखने लगते हैं। टमी टाइम यानी पेट के बल लेटाने पर वो हाथों के बल पर अपने शरीर को ऊपर उठाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं (2)।
गरà¥à¤¦à¤¨ को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ – वैसे शिशॠ2-3 महीने में अपनी गरà¥à¤¦à¤¨ को à¤à¥€ संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ सीखने लगते हैं, लेकिन 5वें महीने तक आते-आते इसमें काफी सà¥à¤§à¤¾à¤° हो जाता है। वो हाथों पर नियंतà¥à¤°à¤£ कर आसानी से पलट सकते हैं और अपनी गरà¥à¤¦à¤¨ को ऊपर à¤à¥€ उठा सकते हैं (2)।
बैठने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना- 5 माह के शिशॠका शारीरिक विकास इतना हो जाता है कि वो बैठने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने लगते हैं। इस दौरान वह बिना सहारे के सिरà¥à¤« कà¥à¤› सेकंड के लिठबैठसकते हैं (2) (4)।
à¤à¤• दिशा में लà¥à¤¢à¤¼à¤•ना – अब पलटी मारना सीख जाते हैं। जब उसे पेट के बल लेटाया जाता है, तो वो पलटी मार सकते है (4)।
सà¥à¤µà¤¾à¤¦ का अहसास – पांचवे महीने तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• से ही पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की पूरà¥à¤¤à¥€ होती है (5)। à¤à¤• वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, जनà¥à¤® के बाद से शिशॠसà¥à¤µà¤¾à¤¦ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सजग हो जाते हैं। वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान सà¥à¤µà¤¾à¤¦ का अंतर समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं। साथ ही मां के दूध की गंध को à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ तरह से पहचान सकते हैं (6)। पांच माह के शिशॠको सिरà¥à¤« सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराया जाता है, इसलिठवो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूध के अलावा किसी और सà¥à¤µà¤¾à¤¦ का पता नहीं होता।
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
परिचित चेहरों की पहचान – पांचवें महीने में शिशॠउन चेहरों को पहचानने लगता है, जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° उसके आसपास रहते हैं (2)।
माता-पिता के साथ खेलना – शिशॠको अपने माता पिता के साथ खेलना अचà¥à¤›à¤¾ लगता है। वह अपने हाथ और पैरों को तेजी से चलाते हà¥à¤ अपनी खà¥à¤¶à¥€ को जताते हैं (2)।
à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करना- जब कोई परिचित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ उनसे आकर बात करता है, तो वो अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को अपने चेहरे के हाव-à¤à¤¾à¤µ के जरिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हैं। वह अपने हाथों को हिलाकर à¤à¥€ अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हैं (2)।
अब हम शिशॠको लगने वाले टीकों के बारे में बात करेंगे।
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगते हैं?
बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में टीकाकरण à¤à¤¸à¥€ सीà¥à¥€ है, जिसके जरिठउनका विकास बेहतर तरीके से होता है (7)। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को टीकाकरण कब करवाना है इसके लिठआप आईà¤à¤ªà¥€ (इंडियन à¤à¤•ेडमी ऑफ पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤¸) के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाई गई टीकाकरण की तालिका देख सकते हैं।
पांचवें महीने में शिशॠको कोई विशेष टीका नहीं लगाया जाता है, लेकिन अगर चौथे महीने में डीटी डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚ पी 3, आईपीवी 3, हिब 3, रोटावायरस 3 व पीसीवी 3 टीके किसी कारणवश नहीं लगे हैं, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप पांचवें महीने में à¤à¥€ लगाया जा सकता है (8)। इसके बावजूद शिशॠको 5 महीने का होने तक कम से कम 4 बार (जनà¥à¤® के बाद और छठे, 10वें व 14वें महीने में) तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास लेकर ही जाना चाहिà¤à¥¤
टीकाकरण के बाद आइठअब जानते हैं कि 5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध जरूरी होता है।
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
पांच महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में दूध का अहम योगदान है। इतने छोटे शिशॠको सिरà¥à¤« मां का दूध दिया जाता है, जिसके जरिठउसे जरूरी पोषक ततà¥à¤µ मिलते हैं (9)। इतने माह का शिशॠकितना दूध पी सकता है, यहां हम उसी बारे में बता रहे हैं (10)।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ – शिशॠके लिठमां के दूध से बेहतर कà¥à¤› नहीं हो सकता। शà¥à¤°à¥‚ के छह महीने शिशॠको सिरà¥à¤« मां का दूध ही देना चाहिà¤à¥¤ 5 महीने का शिशॠà¤à¤• दिन में 828 मिलीलीटर से 946.35 मिलीलीटर तक दूध पी सकता हैं। वह 24 घंटे में 4 से 6 बार मां के दूध का सेवन कर सकता है (11)।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध – वहीं, कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना जरूरी हो जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में 5 महीने का शिशॠलगà¤à¤— 887.2 मिलीलीटर तक फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध का सेवन कर सकता है (11)।
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